बिहार में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए गए हैं। अब हाजिरी बनाकर गायब होने वाले शिक्षकों पर होगी कड़ी कार्रवाई, एमडीएम की जिम्मेदारी नए तरीके से सौंपी जाएगी, हर महीने थीम आधारित पीटीएम होगी और चुनाव आयोग के 40 से अधिक ऐप्स अब एकीकृत प्लेटफॉर्म ECINET पर मिलेंगे।
बिहार में BPSC TRE-3 के तहत चयनित 51,389 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज़ी से जारी है। शिक्षा विभाग ने 14 जिलों में 15,528 शिक्षकों की पोस्टिंग का आदेश जारी किया है। जानिए किन जिलों में हुई नियुक्ति, महिला शिक्षकों के लिए राहत, ऑनलाइन प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी।
शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई अहम खबरों ने लोगों का ध्यान खींचा है। एक ओर शिक्षक के विवादित बयान का वीडियो वायरल होने से बवाल मच गया है, वहीं दूसरी ओर सरकार बच्चों को तैराकी और आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसके अलावा जल संरक्षण के लिए जल पखवाड़ा और बदलते मौसम को लेकर रेड अलर्ट जैसी चेतावनियाँ भी जारी की गई हैं। इन सभी घटनाओं ने शिक्षा जगत और समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
बिहार में स्कूली शिक्षा को लेकर बड़ा बदलाव तय है। 2026-27 सत्र से पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को नए पाठ्यक्रम से पढ़ाया जाएगा, जो बिहार पाठ्यचर्या रूपरेखा 2025 पर आधारित होगा। वहीं, राज्य के शिक्षा विभाग के दो प्रमुख संवर्ग – निम्न शिक्षा सेवा और अवर शिक्षा सेवा (प्राथमिक) – आने वाले वर्षों में समाप्त हो जाएंगे। इसके साथ ही बच्चों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करने की शुरुआत भी 1 मई से 30 स्कूलों में की जा रही है, जहां डिजिटल किताबों की व्यवस्था भी की गई है।
बिहार में शिक्षा को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने कई पहलें शुरू की हैं। 534 स्कूलों में बैंड टीम गठन, शिक्षकों का आवासीय प्रशिक्षण, इंस्पायर अवार्ड में नवाचार को बढ़ावा, शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर और प्रशिक्षित वेतनमान पर हाईकोर्ट का फैसला जैसे कदम शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बना रहे हैं।
