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बिहार में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए गए हैं। अब हाजिरी बनाकर गायब होने वाले शिक्षकों पर होगी कड़ी कार्रवाई, एमडीएम की जिम्मेदारी नए तरीके से सौंपी जाएगी, हर महीने थीम आधारित पीटीएम होगी और चुनाव आयोग के 40 से अधिक ऐप्स अब एकीकृत प्लेटफॉर्म ECINET पर मिलेंगे।
बिहार में BPSC TRE-3 के तहत चयनित 51,389 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज़ी से जारी है। शिक्षा विभाग ने 14 जिलों में 15,528 शिक्षकों की पोस्टिंग का आदेश जारी किया है। जानिए किन जिलों में हुई नियुक्ति, महिला शिक्षकों के लिए राहत, ऑनलाइन प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी।
टीआरई-3 के तहत शिक्षकों की पोस्टिंग प्रक्रिया में इस बार बड़ा बदलाव किया गया है। महिला, पुरुष और दिव्यांग शिक्षकों के आधार पर स्कूलवार रिक्तियों की पहचान कर पदस्थापन किया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से एक नया पोर्टल तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से स्कूलवार आवश्यकता की जानकारी अपलोड की जाएगी। सोमवार से इस नई प्रणाली के तहत रिक्तियों को अपलोड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने स्कूलों में महिला, पुरुष और दिव्यांग शिक्षकों की जरूरत का विवरण पोर्टल पर दर्ज करें। प्रत्येक स्कूल में…
शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई अहम खबरों ने लोगों का ध्यान खींचा है। एक ओर शिक्षक के विवादित बयान का वीडियो वायरल होने से बवाल मच गया है, वहीं दूसरी ओर सरकार बच्चों को तैराकी और आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसके अलावा जल संरक्षण के लिए जल पखवाड़ा और बदलते मौसम को लेकर रेड अलर्ट जैसी चेतावनियाँ भी जारी की गई हैं। इन सभी घटनाओं ने शिक्षा जगत और समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
बिहार सरकार ने छात्रवृत्ति राशि दोगुनी करने का प्रस्ताव पेश कियाबिहार शिक्षा विभाग ने स्कूली छात्रों के लिए वार्षिक छात्रवृत्ति राशि को दोगुना करने का प्रस्ताव तैयार किया है। वर्तमान में कक्षा 1 से 4 तक के छात्रों को 600 रुपये, कक्षा 5-6 के छात्रों को 1,200 रुपये और कक्षा 7 से 10 तक के छात्रों को 1,800 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है, जिसे क्रमशः 1,200 रुपये, 2,400 रुपये और 3,600 रुपये किया जाएगा। इसके अलावा, छात्रवृत्ति के लिए 75% उपस्थिति की अनिवार्यता को भी खत्म कर दिया गया है, जिससे राज्य के लगभग 1.5 करोड़ छात्रों को लाभ…
नामांकन तिथि बढ़ने से स्कूलों में बच्चों की संख्या में वृद्धि, 22 दिनों में 6.46 लाख बच्चों का हुआ दाखिला बिहार के 38 जिलों में स्थित लगभग 40 हजार प्राथमिक विद्यालयों में इस वर्ष नामांकन की प्रक्रिया ने नया रिकॉर्ड बनाया है। शिक्षा विभाग द्वारा 1 से 22 अप्रैल तक चले नामांकन पखवाड़े में कक्षा एक में कुल 6.46 लाख बच्चों का दाखिला हुआ है। इस बार नामांकन की तिथि सात दिन बढ़ाने का असर साफ दिखा। पहले चरण में 1 से 15 अप्रैल तक 3.57 लाख बच्चों ने स्कूलों में नामांकन कराया था, जबकि अगले सात दिनों यानी 16…
बिहार में स्कूली शिक्षा को लेकर बड़ा बदलाव तय है। 2026-27 सत्र से पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को नए पाठ्यक्रम से पढ़ाया जाएगा, जो बिहार पाठ्यचर्या रूपरेखा 2025 पर आधारित होगा। वहीं, राज्य के शिक्षा विभाग के दो प्रमुख संवर्ग – निम्न शिक्षा सेवा और अवर शिक्षा सेवा (प्राथमिक) – आने वाले वर्षों में समाप्त हो जाएंगे। इसके साथ ही बच्चों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करने की शुरुआत भी 1 मई से 30 स्कूलों में की जा रही है, जहां डिजिटल किताबों की व्यवस्था भी की गई है।
पटना, 16 अप्रैल 2025: बिहार शिक्षा विभाग ने विशेष परिस्थितियों वाली महिला शिक्षकों को प्राथमिकता देते हुए 7,351 महिला शिक्षकों के अंतर-जिला स्थानांतरण को मंजूरी दी है। यह निर्णय शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में स्थापना समिति की बैठक में लिया गया, जिसमें दूरी के आधार पर नियमित और सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण महिला शिक्षकों पर ध्यान केंद्रित किया गया। विभाग के निर्देश के अनुसार, 91 नियमित महिला शिक्षकों और 7,260 सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण महिला शिक्षकों का विभिन्न जिलों में स्थानांतरण किया गया है। एनसीआरएसएम टेक्नोलॉजी द्वारा ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से तैयार स्थानांतरण सूची में पटना जिले के लिए 6,772 आवेदनों…
बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की शिकायतों के निपटारे के लिए नया ग्रीवांस पोर्टल शुरू करने, वंचित बच्चों के लिए आरटीई के तहत नामांकन की तिथि बढ़ाने और छात्रा प्रोत्साहन योजना में तकनीकी कारणों से हो रही देरी को लेकर तीन अहम घोषणाएं की हैं।
बिहार में शिक्षा को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने कई पहलें शुरू की हैं। 534 स्कूलों में बैंड टीम गठन, शिक्षकों का आवासीय प्रशिक्षण, इंस्पायर अवार्ड में नवाचार को बढ़ावा, शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर और प्रशिक्षित वेतनमान पर हाईकोर्ट का फैसला जैसे कदम शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बना रहे हैं।
