इंटर के तीनों संकाय में बेटियां बनीं टॉपर, 86.50 प्रतिशत हुए उत्तीर्ण
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने जारी किया रिजल्ट
deooffice.com | पटना | बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2025 का परिणाम मंगलवार को शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने जारी किया। इस वर्ष भी तीनों संकायों (विज्ञान, कला और वाणिज्य) में बेटियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। कुल 86.50% परीक्षार्थी सफल हुए, जिसमें छात्राओं की सफलता का प्रतिशत छात्रों की तुलना में अधिक रहा। 87.67% छात्राएं सफल रहीं, जबकि 85.33% छात्र उत्तीर्ण हुए।
वर्ष 2024 की तुलना में इस वर्ष 0.71 प्रतिशत कम परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। तीनों संकायों के टॉप-5 सूची में कुल 28 परीक्षार्थी शामिल हैं, जिनमें से 18 छात्राएं हैं।
संकायवार टॉपर्स:
- विज्ञान संकाय: एसएस प्लस टू स्कूल, हरनाटांड, पश्चिम चंपारण की प्रिया जायसवाल ने 500 में 494 अंक (96.89%) प्राप्त कर टॉप किया।
- कला संकाय: राजकीयकृत बीएन उच्च विद्यालय, न सहन, वैशाली की अंकिता कुमारी और प्लस टू उच्च विद्यालय, कोरानसराय, बक्सर के शाकिब शाह ने 500 में 473 अंक (94.6%) प्राप्त कर संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया।
- वाणिज्य संकाय: जेल कॉलेज, हाजीपुर वैशाली की रौशनी कुमारी ने 500 में 475 अंक (95%) हासिल कर टॉप किया।
बिहार बोर्ड फिर सबसे आगे
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने देश में सबसे पहले इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम जारी करने का रिकॉर्ड 2025 में भी कायम रखा। मूल्यांकन कार्य पूरा होने के 27 दिनों के भीतर रिजल्ट जारी कर दिया गया।
बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि मैट्रिक परीक्षा का परिणाम 31 मार्च तक जारी कर दिया जाएगा।
वर्षवार उत्तीर्णता प्रतिशत:

महिला सशक्तीकरण से जुड़ा बेहतर प्रदर्शन
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने छात्राओं के शानदार रिजल्ट पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि “बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने की हमारी नीति सफल हो रही है।” शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ और बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने भी परीक्षा परिणाम को लेकर संतोष जताया।
विशिष्ट शिक्षकों का वेतन भुगतान कैम्प मोड में होगा
deooffice.com | पटना | राज्य के विशिष्ट शिक्षकों के वेतन भुगतान को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा निर्णय लिया है। एचआरएमएस पोर्टल पर अपलोड किए गए शिक्षकों के वेतन का भुगतान अगले 5 दिनों में कैम्प मोड में किया जाएगा। शिक्षा विभाग के सचिव अजय यादव ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किया है।
पहली सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण 1,73,879 शिक्षकों की टेक्निकल ज्वाइनिंग हो चुकी है। इनमें से 1,39,099 शिक्षकों को एनएसडीएल से प्रान नंबर (PRAN) प्राप्त हो चुका है। इनमें से 1,33,099 शिक्षकों के आंकड़े एचआरएमएस पर अपलोड कर दिए गए हैं, लेकिन अब तक सिर्फ 74,247 शिक्षकों का वेतन भुगतान हुआ है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 समाप्त होने में केवल 5 दिन शेष हैं, इसलिए सभी शिक्षकों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, दूसरी सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण शिक्षकों के प्रान नंबर आवंटन एवं वेतन भुगतान को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं। प्राथमिक शिक्षा निदेशक साहिला ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों को इस संबंध में मार्गदर्शिका भी भेजी है।
स्क्रूटनी के लिए आवेदन 1 से 8 अप्रैल तक
deooffice.com | पटना | बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट परीक्षार्थी 1 से 8 अप्रैल तक स्क्रूटनी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने बताया कि बिहार बोर्ड गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने और परीक्षा पैटर्न को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
बिहार बोर्ड पिछले 7 वर्षों से देश में सबसे पहले इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम जारी करता आ रहा है। बोर्ड की उच्च तकनीक और डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली के कारण परीक्षा परिणाम जल्दी जारी करना संभव हुआ है।
बिहार बोर्ड का आकर्षण बढ़ा, दूसरे बोर्डों के छात्र भी आ रहे
पिछले 7 वर्षों में 6.90 लाख छात्र-छात्राएं CBSE, ICSE और अन्य बोर्डों से स्थानांतरित होकर बिहार बोर्ड में 11वीं कक्षा में दाखिला ले चुके हैं। केवल 2024 में ही 96,000 विद्यार्थियों ने बिहार बोर्ड को चुना।
बिहार बोर्ड की समय पर परीक्षा और रिजल्ट जारी करने की विश्वसनीयता इसकी सबसे बड़ी ताकत बनी है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने परीक्षा पैटर्न में भी कई सुधार किए हैं।
बिहार बोर्ड के परीक्षा सुधार:
- मॉडल परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई।
- उत्तर पुस्तिकाओं की बारकोडिंग की गई, जिससे मूल्यांकन अधिक पारदर्शी हुआ।
- मल्टीपल कम्प्यूटराइज्ड प्रपत्रों की स्कैनिंग कराई गई, जिससे रिजल्ट प्रोसेसिंग की गति तेज हुई।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर को सिविल सेवा दिवस 2022 पर “प्राइम मिनिस्टर्स अवार्ड फॉर एक्सलेंस इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन” से सम्मानित किया गया था।
इस वर्ष भी परीक्षा की संपूर्ण प्रक्रिया को डिजिटल बनाते हुए सभी परीक्षार्थियों के फोटो, नाम, बारकोड एवं लिथोकोड के साथ उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की गई।
(रिपोर्ट: deooffice.com संवाददाता, पटना)
