फर्जी प्रमाणपत्र जांच में शिक्षकों को किया गया तलब, मूल आवेदन से होगी पुष्टि
मुजफ्फरपुर, प्रसं। शिक्षक बहाली में फर्जी प्रमाणपत्रों के मामले में निगरानी विभाग की जांच तेज हो गई है। अब शिक्षकों को तलब कर उनके मूल आवेदन की जांच की जा रही है, जिससे यह पुष्टि हो सके कि बहाली के समय जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन दिया था, वही शिक्षक नियुक्त हुए हैं या नहीं। निगरानी जांच में कई प्रकार के फर्जीवाड़े सामने आए हैं।
इसके तहत सभी शिक्षकों को अपने मूल प्रमाणपत्रों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, संबंधित शिक्षकों की मेधा सूची भी बीईओ (ब्लॉक शिक्षा पदाधिकारी) से मंगवाई गई है। शिक्षक अपने सभी मूल दस्तावेजों के साथ स्वयं उपस्थित होंगे, ताकि उनकी नियुक्ति प्रक्रिया की सत्यता सुनिश्चित की जा सके। यही नहीं, संबंधित शिक्षकों की मेधा सूची भी लेकर आने का आदेश बीईओ को दिया गया है।
गायघाट के बाद अब सरैया के करीब आधे दर्जन शिक्षकों को भी तलब किया गया है। इन शिक्षकों के खिलाफ पिछले 10 वर्षों से फर्जी बहाली की जांच चल रही है। इससे पहले भी कई बार शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई निर्णायक सूची नहीं बन पाई है। अब निगरानी जांच में तेजी आई है और हाल ही में गायघाट के एक दर्जन शिक्षकों को सभी कागजातों के साथ निगरानी के समक्ष पेश होने का आदेश दिया गया था। इसी प्रक्रिया के तहत अब सरैया के शिक्षकों को भी बुलाया गया है।
बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के लिए जिलों को भेजा गया पत्र, 13 जुलाई से होगी परीक्षा
मुजफ्फरपुर, प्रसं। बिहार पुलिस में सिपाही के 19,838 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन 13 जुलाई से किया जाएगा। इस परीक्षा में राज्यभर से करीब 5 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। केंद्र निर्धारण को लेकर सभी जिलों को आवश्यक निर्देश भेजे गए हैं।
परीक्षा केंद्रों का चयन जिला मुख्यालयों के नगरीय क्षेत्रों में किया जाएगा। इसके लिए राजकीय विद्यालयों के साथ-साथ गैरसरकारी, निजी स्कूल-कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को भी परीक्षा केंद्र बनाया जा सकता है। जिलावार परीक्षार्थियों की सूची भेजी जा चुकी है और डीएम को निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा केंद्रों की सूची तैयार कर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
परीक्षा तिथियां इस प्रकार हैं:
- 13, 16, 20, 23, 27, 30 जुलाई
- 3 व 6 अगस्त
परीक्षा एक पाली में आयोजित की जाएगी। परीक्षा केंद्रों के चयन के साथ ही, उपलब्ध कक्षाओं और बैठने की व्यवस्था को लेकर भी रिपोर्ट मांगी गई है। जिले में 15,000 से अधिक परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया जाएगा।
राज्यभर में तीन दिनों तक मनाया जाएगा बिहार दिवस, पटना के गांधी मैदान में मुख्य समारोह
पटना, हिन्दुस्तान ब्यूरो। बिहार 22 मार्च को अपना 113वां स्थापना दिवस मना रहा है। वर्ष 1912 में बंगाल से अलग होकर बिहार प्रांत बना था। इस अवसर पर तीन दिनों तक राज्यभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सरकारी भवनों को नीली रोशनी से सजाया जाएगा और पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में भव्य समारोह होगा।
मुख्य समारोह की झलक:
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 22 मार्च को शाम 5 बजे गांधी मैदान में उद्घाटन करेंगे।
- श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल, रवींद्र भवन और प्रेमचंद रंगशाला में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
- प्रेमचंद रंगशाला में महिलाओं पर केंद्रित नाट्य उत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी पात्र महिलाएं होंगी।
- गायक अभिजीत भट्टाचार्य पहले दिन गांधी मैदान में प्रस्तुति देंगे।
- नुक्कड़ नाटकों का भी मंचन होगा।
गांधी मैदान मे ं पहले दिन गायक अभिजीत भट्टाचार्य समां बांधेंगे। प्रेमचंद रंगशाला में विशेष रूप से महिला थीम पर नाट्य उत्सव होगा, सभी पात्र महिलाएं होंगी। नुक्कड़ नाटकों का भी मंचन होगा। रवीन्द्र भवन और श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल मे ं भी कार्यक्रम होंगे।
देश-विदेश में भी बिहार दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष की थीम “उन्नत बिहार, विकसित बिहार” रखी गई है।
बैंक हड़ताल स्थगित, वार्ता के बाद लिया गया निर्णय
पटना, हिन्दुस्तान ब्यूरो। देशभर में 24-25 मार्च को प्रस्तावित बैंक हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है। नई दिल्ली में केंद्र सरकार के मुख्य श्रमायुक्त की मध्यस्थता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया।
बैठक में बैंक यूनियनों और बैंक प्रबंधन की शीर्ष संस्था भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के प्रतिनिधि शामिल हुए। वार्ता के दौरान विभिन्न मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई, जिसके बाद बैंक यूनियनों ने हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया।
इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के संयुक्त सचिव भी शामिल हुए। उन्होंने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री और वित्त सचिव के साथ पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई है। आईबीए ने भर्ती, पीएलआई (परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव) और अन्य मुद्दों पर आगे चर्चा जारी रखने का प्रस्ताव दिया है।
माध्यमिक-उच्च माध्यमिक विद्यालयों की प्रबंध समितियों को मिली 5 लाख तक खर्च करने की शक्ति
पटना, हिन्दुस्तान ब्यूरो। शिक्षा विभाग ने एक अहम निर्णय लेते हुए माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों की प्रबंध समितियों को 5 लाख रुपये तक खर्च करने की शक्ति बहाल कर दी है।
विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विद्यालय के प्रधानाध्यापक या प्राचार्य अब 2.5 लाख रुपये तक स्वयं खर्च कर सकेंगे। जबकि, 5 लाख रुपये तक की राशि विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा खर्च की जा सकेगी। इसके लिए विद्यालय कोष से निकासी कर आवश्यकतानुसार खर्च किया जा सकता है।
यह व्यवस्था पहले से लागू थी, लेकिन 2023 में इसे बंद कर दिया गया था। अब नए आदेश के तहत इसे फिर से बहाल कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष सामान्यतः विधायक होते हैं। पांच लाख से अधिक राशि के कार्यों के लिए विद्यालय प्रबंध समिति की अनुशंसा पर बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना निगम द्वारा कार्य किए जाएंगे।
गौरतलब है कि विधायकों और विधान पार्षदों ने बजट सत्र के दौरान विद्यालय प्रबंध समितियों के अधिकारों में कटौती का मुद्दा उठाया था, जिस पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने वर्तमान व्यवस्था में संशोधन का आश्वासन दिया था। अब विभाग ने नियम में बदलाव कर पूर्व की व्यवस्था को फिर से लागू कर दिया है।
