

समस्तीपुर: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित TRE-3 शिक्षक भर्ती में फर्जी अभ्यर्थियों का मामला सामने आया है। काउंसलिंग के दौरान फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति पाने की कोशिश कर रहे दो अभ्यर्थियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
यह कार्रवाई समस्तीपुर के +2 तिरहुत एकेडमी, काशीपुर में हो रही पुनः काउंसलिंग के दौरान हुई। जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद गुप्ता के अनुसार, सत्यापन के दौरान दरभंगा जिले के बहेरी प्रखंड के बनडीहुली गांव निवासी उमेश मंडल (पिता सीताराम माडर) और समस्तीपुर के शिवाजीनगर प्रखंड के बोरे गांव निवासी ममता कुमारी (पति सुरेश मंडल) के शैक्षणिक और प्रशिक्षण प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। साथ ही, बायोमेट्रिक मिलान भी असफल रहा।


फर्जीवाड़े के लिए किए गए पैसों के लेन-देन
जांच के दौरान यह सामने आया कि इन फर्जी अभ्यर्थियों ने नियुक्ति प्रक्रिया में हेरफेर करने के लिए अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कुल ₹75,000 का भुगतान डिजिटल माध्यमों से किया था।
थाने में दर्ज हुआ मामला, पुलिस कर रही जांच
शिक्षा विभाग की सूचना पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों फर्जी अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी शिवाजीनगर सह सत्यापन पदाधिकारी रामजन्म सिंह के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई। नगर थानाध्यक्ष शिव कुमार यादव ने बताया कि दोनों से पूछताछ की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
फर्जी अभ्यर्थियों के पीछे कौन? दलाल की पहचान जारी
जांच में यह सामने आया है कि फर्जी अभ्यर्थियों ने शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में हेरफेर करने के लिए विवेक कुमार दीक्षित नामक व्यक्ति को पैसे दिए थे। उन्होंने अलग-अलग मोबाइल नंबरों के माध्यम से कुल ₹75,000 का भुगतान किया।
- मोबाइल नंबर 9101887662 के जरिए ₹50,000
- मोबाइल नंबर 9670886666 के जरिए ₹5,000
- मोबाइल नंबर 8013744987 के जरिए ₹20,000
इस रकम का भुगतान पे-फोन और गूगल-पे के यूपीआई आईडी के माध्यम से किया गया था। पुलिस अब इस दलाल की भूमिका की जांच कर रही है और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
शिक्षा विभाग ने जारी किया सख्त निर्देश
इस घटना के बाद शिक्षा विभाग ने TRE-3 की काउंसलिंग प्रक्रिया में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं, ताकि फर्जी अभ्यर्थियों की कोई भी कोशिश नाकाम की जा सके।

